भारत के 90 प्रतिशत साधन-संसाधनों पर सवर्णों का कब्जा कैसे है? -Mr. Manas Jena
आज भी बहुजन समाज (मूलनिवासी समाज) यह सवर्णों द्वारा संचालित साधन-संसाधनों पर निर्भर है, और यह स्थिति कई दशकों से चलती आ रही है। कि भारत के 90 प्रतिशत साधन-संसाधनों पर सवर्णों का इतना प्रभावशाली कब्जा है? इन सवालों के उत्तर ढूंढना जरूरी है ताकि हम अपने समाज में हो रहे असमानताओं को समझ सकते है और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठा सकते है। इसलिए, इस मुद्दे पर व्यापक विचार-विमर्श करना और समझना अत्यंत आवश्यक है।
✅थमास पिकेटी (Thomas Piketty) एक अर्थशास्त्री हैं, जिन्होंने भारत के बारे में एक रिपोर्ट प्रस्तुत की है। प्रधानमंत्री की सलाहकार समिति द्वारा भी रिपोर्ट प्रस्तुत की गया था।
✅इसके अतिरिक्त, हमारे राज्य मंत्री की राष्ट्रीय सांख्यिकी राष्ट्रीय संस्थान (एनएसएस) के अधीन एक सर्वेक्षण भी हुआ है, जिसका नाम "ऑल इंडिया डेप्ट एंड इन्वेस्टमेंट सर्वे" है। इसके साथ ही, वर्ल्ड हंगर इंडेक्स और वर्ल्ड इनक्वालिटी रिपोर्ट जैसे अन्य रिपोर्ट्स भी मौजूद हैं।
✅इन सभी रिपोर्ट्स का एक संक्षिप्त आधार यह है कि, फोर्ब्स पत्रिका (Forbes Magazine) जैसे स्रोतों ने बताया है कि भारत में आय और संपत्ति का 90 प्रतिशत हिस्सा उच्च जातियों के हाथ में है। जो 10 प्रतिशत हिस्सेदारी है उसमे अन्य पिछड़ी जातियों (OBC) है।
✅अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) का कोई नाम ही नहीं है, मतलब की जाति के आधार करीब 2.5 प्रतिशत ही है। अनुसूचित जनजातियों की कोई हिस्सेदारी नहीं है। जैसा कि पहले भी बताया गया था कि हमारी जो घुमन्तु जनजातियाँ उन लोग को तो दूर-दूर तक उनके पास कुछ भी नहीं है।
✅रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि 2014 में मोदी सरकार के आने के बाद पिछले 10 वर्षों में ओबीसी समुदाय की आय और संपत्ति में कमी आई है, जबकि उच्च जातियों की संपत्ति और आय में वृद्धि जारी है।

Comments
Post a Comment